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इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट से हाई-टेक वॉरफेयर तक, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली जॉइंट कमांडर कॉन्फ्रेंस में तैयार होगी सेना की भविष्य की रणनीति

 Reported By: Manish Prasad, Edited By: Niraj Kumar
 Published : May 06, 2026 04:36 pm IST,  Updated : May 06, 2026 04:42 pm IST

जयपुर में ऑपरेशन सिंदूर के बाद तीनों सेनाओं के जॉइंट कमांडर कॉन्फ्रेंस के बाद एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। इसमें तीनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारी एक साथ सामने आएंगे। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव गाई, एयर मार्शल भारती और वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे।

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लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर मार्शल भारती और वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद Image Source : REPORTER INPUT

जयपुर:  ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे हो रहे हैं और इस मौके पर जयपुर में  जॉइंट कमांडर कॉन्फ्रेंस हो रही है। इस कॉन्फ्रेंस में भारतीय सेना, वायुसेना, नौसेना के सभी कमांडर्स, चीफ, डिफेंस सेक्रेटरी, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर सब शामिल होंगे। साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी कल पटना दौरे के बाद सीधे जयपुर पहुंचेंगे और कॉन्फ्रेंस में पहुंचेंगे। इस दौरान एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होगी। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव गाई, एयर मार्शल भारती और वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद इसे संबोधित करेंगे।

तीनों सेना की जॉइंट कॉन्फ्रेंस

बता दें कि ठीक एक साल पहले  तीनों डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस, डायरेक्टर जनरल नेवल ऑपरेशंस, डायरेक्टर जनरल एयर ऑपरेशंस ने एक साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पूरे देश को बताया था कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने अपनी ऑपरेशनल कैपेबिलिटी से पाकिस्तान के एयरबेसेज, एयरस्ट्रिप्स, एयर डिफेंस के साथ ही उनकी इन्फेंट्री को पूरी तरह से खदेड़ा है, यहां तक कि पाकिस्तान को उठने भी नहीं दिया। इसके बाद अब एक फिर से भारतीय सेना की एक बड़ी कॉन्फ्रेंस होने जा रही है।

भविष्य की सैन्य तैयारियों पर विशेष फोकस

जॉइंट कमांडर कॉन्फ्रेंस में भविष्य की सैन्य तैयारियों पर विशेष फोकस रहेगा। इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट, फाइटर एयरक्राफ्ट, वॉरशिप, ड्रोन, आधुनिक मिसाइल और रॉकेट सिस्टम को शामिल कर सेना को और सशक्त बनाने की रूपरेखा पर चर्चा की जाएगी। पिछले एक वर्ष में भारत ने ड्रोन क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि की है। साथ ही नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर के अनुरूप इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, डेटा लिंक सिस्टम और आधुनिक युद्ध तकनीकों में भी दक्षता हासिल की गई है।

क्या है इसका मुख्य उद्देश्य?

जॉइंट कमांडर कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य ये है कि देश के लोगों को बताया जाए कि ऑपरेशन सिंदूर में जहां हमने पाकिस्तान को खदेड़ा तो वहीं अपनी ताकत में इजाफा करते हुए मॉडर्न टेक्नोलॉजी का भी हमने सहारा लेते हुए देश को सशक्त बनाया है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सुदर्शन चक्र को लेकर एक विजन है। उसी दिशा में कार्य किया जा रहा है। ताकि आने वाले समय में अगर दुश्मनों की ओर से कोई भी दुस्साहस किया जाता है तो भारत अपनी पूरी क्षमता के साथ उनका काउंटर कर रहा है। 

दुश्मन के लिए क्लियर मैसेज

अभी ईरान युद्ध में हमने देखा कि अमेरिका इजरायल को सपोर्ट कर रहा है, ठीक उसी तरीके से ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तान को टर्की और चाइना का सपोर्ट मिल रहा था। लेकिन भारत ने अपनी पूरी कैपेबिलिटी के साथ ना केवल पाकिस्तान को खदेड़ा बल्कि घुटनों पर लाकर खड़ा कर दिया। इसलिए यह प्रेस कॉन्फ्रेंस अब बहुत ही महत्वपूर्ण है और पिछले एक साल बाद ये एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस होने के साथ ही इसके जरिए दुश्मनों को बिल्कुल क्लियर मैसेज जाएगा। 

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